खबर है कि प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव एवं नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने आपसी मतभेद भुलाकर हाथ मिला लिया है।

वरिष्ठ नेता हजारीलाल रघुवंशी को कांगे्रस महासचिव दिग्विजय सिंह के खेमे का माना जाता है। वे उनसे मिलने उनके निवास पहुंच गए।
केंद्र में रह सकती है सिंधिया की भूमिका
ज्योतिरादित्य सिंधिया भले प्रदेश में सीएम पद के दावेदार बने हुए हैं लेकिन खबर है कि कांगे्रस उपाध्यक्ष राहुल गांधी उन्हें केंद्र की राजनीति में अपने साथ ही रखना चाहते हैं। वे लोकसभा में मल्लिकार्जुन खडगे की जगह कांगे्रस संसदीय दल के नेता भी बनाए जा सकते हैं। इसके साथ ही वे प्रदेश में कांगे्रस की सत्ता में वापसी के लिए सक्रिय रहेंगे। सिंधिया की जवाबदारी होगी कि वे कमलनाथ दिग्विजय सिंह, सुरेश पचौरी, अरुण यादव एवं अजय सिंह के साथ मिलकर प्रदेश में कांग्रेस को मजबूत करें। सिंधिया को केंद्र में लिए जाने से कमलनाथ के लिए प्रदेश का रास्ता साफ हो जाएगा, हालांकि प्रदेश में सक्रियता सिंधिया ही ज्यादा बनाए हुए हैं।
अरुण व अजय हुए एक
खबर है कि बड़े नेताओं की सक्रियता के बीच प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव एवं नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने आपसी मतभेद भुलाकर हाथ मिला लिया है। इन्होंने प्रदेशभर में संयुक्त अभियान चलाने का निर्णय लिया है। इसी योजना के तहत दोनों नेताओं ने सीएम शिवराज सिंह चौहान के विस क्षेत्र बुधनी से चौपाल कार्यक्रम प्रारंभ किया है। इसका विस्तार अन्य मंत्रियों के क्षेत्र में किया जा रहा है। इसके अलावा अन्य संयुक्त कार्यक्रमों की घोषणा भी शीघ्र की जाने वाली है। ये दोनों नेता मिलकर कांगे्रस आलाकमान को अपना असर दिखाने वाले हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *